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इसरो के नए प्रक्षेपण अभियान से जुड़ी सात अहम बातें

इसरो के नए प्रक्षेपण अभियान से जुड़ी सात अहम बातें

इसरो के नए प्रक्षेपण अभियान से जुड़ी सात अहम बातेंभारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी43 ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 31 उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है। यहां हम आपको बता रहे हैं इस प्रक्षेपण से जुड़ी कुछ अहम बातें।

1. इस उपग्रह ने प्रथम प्रक्षेपण स्थल से भारतीय समय के अनुसार सुबह नौ बजकर 57 मिनट और 30 सेकंड पर उड़ान भरी।

2. उड़ान भरने के महज 17 मिनट और19 सेकंड बाद ही इसने अपने देश के लिए बनाए गए उपग्रह हाईसिस को 645 किलोमीटर के ध्रुवीय कक्ष में स्‍थापित कर दिया।

3. इसके उपरांत,यान के चौथे चरण वाले इंजनों को दोबारा स्‍टार्ट करके 30 विदेशी उपग्रहों को उनके मनोनुकूल कक्ष में स्‍थापित किया गया।

4. उड़ान भरने से लेकर एक घंटा और49 मिनट बाद अंतिम उपग्रह को इसके निर्धारित कक्ष में स्‍थापित कर दिया गया।

5. पृथ्‍वी की सतह का अध्‍ययन करना हाईसिस का प्राथमिक लक्ष्‍य है। उपग्रह से प्राप्‍त आंकड़ों का इस्‍तेमाल कृषि, वन, मृदा, भूगर्भीय पर्यावरण, समुद्रतटीय क्षेत्रों और अन्‍तर्देशीय जल संसाधनों आदि सहित अनेक क्षेत्र में किया जाएगा।

6. जिन दूसरे देशों के उपग्रह इस अभियान के तहत छोड़े गए हैं उनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड्स और स्पेन का एक-एक उपग्रह और अमेरिका के कुल 23 उपग्रह शामिल हैं। स्पेन, कोलंबिया, मलेशिया और ऑस्‍ट्रेलिया के उपग्रहों को पहली बार प्रक्षेपित किया गया है।

7. इन सभी उपग्रहों का कुल वजन लगभग 261.50 किलोग्राम था।

Last modified onMonday, 03 December 2018 17:56
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