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दक्षिणी एशियाई उपग्रह के सफल प्रक्षेपण से क्षेत्र में भारत की धाक जमी

जीएसएलवी ने दक्षिणी एशियाई उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया

नई दिल्ली : भारत के भूसमकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी-एफ09) ने 2230 किलोग्राम भार वाले दक्षिण एशियाई उपग्रह (जीसेट-9) का शुक्रवार को नियोजित भू-समकालिक हस्तांतरण कक्षा (जीटीओ) में सफल प्रक्षेपण किया। यह जीएसएलवी का 11वां प्रक्षेपण था। 

प्रक्षेपण सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र एसएचएआर (एसडीएससी एसएचएआर) के दूसरे लॉन्च पैड से किया गया। यह स्वदेशी रूप से विकसित किए गए क्रायोजेनिक अपर स्टेज को वहन करने की दिशा में जीएसएलवी द्वारा प्राप्त की गई लगातार चौथी सफलता है। इस अंडाकार जीटीओ, दक्षिण एशियाई उपग्रह ने अब पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाना शुरू कर दिया है।

सफल प्रक्षेपण के बाद माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसरो को बधाई देते हुए कहा कि यह दिन दक्षिण एशिया के लिए ऐतिहासिक और बेमिसाल दिन है। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि दो साल पहले भारत ने दक्षिण एशिया की जनता की प्रगति और समृद्धि के लिए उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की पहुंच उन्हें सुलभ कराने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि आशा है कि यह प्रक्षेपण इस वादे को पूरा करने की दिशा में अहम कदम है।

Last modified onSaturday, 06 May 2017 14:20

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