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बैलगाड़ी पर रॉकेट ले जाने से लेकर मंगल तक की अंतरिक्ष यात्रा…

India’s Space Odyssey: From Rocket On Bullock Cart To Mars…उच्च-तकनीक वाले सबसे वजनी भू-स्थैतिक संचार उपग्रह, जी-सैट-19 को 5 जून को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर कक्षा में सफलतापूर्वक छोड़े जाने के बाद भारत ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस उपग्रह को सबसे शक्तिशाली देसी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-III द्वारा छोड़ा गया। (Read in English: India’s Space Odyssey: From Rocket On Bullock Cart To Mars…)

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पीएसएलवी-सी38 ने सफलतापूर्वक एक साथ प्रक्षेपित किए 31 उपग्रह

श्रीहरिकोटा : इसरो ने शुक्रवार को अपने प्रमुख रॉकेट प्रक्षेपण यान पीएसएलवी से 712 किलोग्राम के कार्टोसैट-2 श्रृंखला के एक उपग्रह और 30 नैनो उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया।

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दक्षिण एशिया उपग्रह से क्षेत्रीय संचार को मिलेगी ताकत

दक्षिण एशिया उपग्रह से क्षेत्रीय संचार को मिलेगी ताकत

भारत का सर्वप्रथम दक्षिण एशिया सेटेलाइट (एसएएस) सफलतापूर्वक लांच किए जाने से छह पड़ोसी देशों के बीच संचार प्रणाली को प्रोत्‍साहन मिलेगा और आपदा संपर्क में सुधार होगा। दक्षिण एशिया सेटेलाइट ने सहयोग का नया क्षितिज प्रदान किया है और यह अंतरिक्ष कुटनीतिक में महत्‍वपूर्ण स्‍थान बनाया है। (Read in English)

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दक्षिणी एशियाई उपग्रह के सफल प्रक्षेपण से क्षेत्र में भारत की धाक जमी

जीएसएलवी ने दक्षिणी एशियाई उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया

नई दिल्ली : भारत के भूसमकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी-एफ09) ने 2230 किलोग्राम भार वाले दक्षिण एशियाई उपग्रह (जीसेट-9) का शुक्रवार को नियोजित भू-समकालिक हस्तांतरण कक्षा (जीटीओ) में सफल प्रक्षेपण किया। यह जीएसएलवी का 11वां प्रक्षेपण था। 

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