विज्ञान - तकनीक समाचार

विज्ञान - तकनीक (39)

दक्षिण एशिया उपग्रह से क्षेत्रीय संचार को मिलेगी ताकत

भारत का सर्वप्रथम दक्षिण एशिया सेटेलाइट (एसएएस) सफलतापूर्वक लांच किए जाने से छह पड़ोसी देशों के बीच संचार प्रणाली को प्रोत्‍साहन मिलेगा और आपदा संपर्क में सुधार होगा। दक्षिण एशिया सेटेलाइट ने सहयोग का नया क्षितिज प्रदान किया है और यह अंतरिक्ष कुटनीतिक में महत्‍वपूर्ण स्‍थान बनाया है। (Read in English)

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जीएसएलवी ने दक्षिणी एशियाई उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया

नई दिल्ली : भारत के भूसमकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी-एफ09) ने 2230 किलोग्राम भार वाले दक्षिण एशियाई उपग्रह (जीसेट-9) का शुक्रवार को नियोजित भू-समकालिक हस्तांतरण कक्षा (जीटीओ) में सफल प्रक्षेपण किया। यह जीएसएलवी का 11वां प्रक्षेपण था। 

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टेक्नोलॉजी विजन-2035

पानी की लीकेज हमारे पेयजल आपूर्ति की एक बड़ी समस्या है। काश कि पानी की पाइपलाइनें भी हमारे शरीर की नसों की तरह होतीं। जैसे हमारे शरीर में कट लगने पर निकलने वाले खून को रोकने के लिए खून खुद ही थक्का जमा लेता है, वैसे ही पाइप खुद की मरम्मत कर ले तो कितना अच्छा रहे। इसी तरह सड़क पर दरार व गड्ढे बन जाएं तो वे खुद ही उसे ठीक कर लें जैसे कोई घाव भर जाता है। आपको भूख लगी है और शरीर को जिस पोषक तत्व की जरूरत है और जैसा स्वाद आप चाहते हैं वही आपको आहार में मिले तो कितना अच्छा हो। सड़क पर जाम मिले तो कार हवा में उड़ने लगे, रास्ते में पानी भरा मिले तो तैरने लगे।

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लोगों को ऑनलाइन ‘सुरक्षा’ का अहसास दिलाने में मौजूदा नीतियां हैं नाकाम

सिंगापुर : एशिया प्रशांत में नीति से संबंधित मुद्दों पर इंटरनेट सोसाइटी सर्वेक्षण की हाल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक ‘ऑनलाइन सुरक्षा’ एक ऐसा क्षेत्र है जिसपर नीति निर्माताओं को शीघ्र ही सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

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अपनी 37वीं उड़ान में (पीएसएलवी-सी35) इसरो के पोलर उपग्रह प्रक्षेपण यान ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र एसएचएआर, श्रीहरिकोटा से सात सहयात्री उपग्रहों के साथ 371 किलो के स्‍काटसेट -1, उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।

श्रीहरिकोटा : अपनी 37वीं उड़ान में (पीएसएलवी-सी35) इसरो के पोलर उपग्रह प्रक्षेपण यान ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र एसएचएआर, श्रीहरिकोटा से सात सहयात्री उपग्रहों के साथ 371 किलो के स्‍काटसेट -1, उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यह पीएसएलवी का लगातार 36वां सफल मिशन है। पीएसएलवी-सी35 के द्वारा ले जाए गए सभी आठ उपग्रहों का कुल वजन 675 किलोग्राम था। पीएसएलवी-सी35 दो अलग अलग कक्षाओं में ऑनबोर्ड ले जाए गए उपग्रहों का प्रक्षेपण करने वाला पहला पीएसएलवी मिशन है। यह मिशन आज तक आयोजित सभी पीएसएलवी मिशनों में सबसे लंबा था और लिफ्ट ऑफ के बाद इसे पूरा करने में 2 घंटे 15 मिनट और 33 सेकंड का समय लगा।

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