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हृदय रोगों से जुड़ी तीन गलत धारणाएं

हृदय रोगों से जुड़ी तीन गलत धारणाएं

 हृदय रोगों से जुड़ी तीन गलत धारणाएंहृदय रोग के बारे में लोगों के बीच कई धारणाएं फैली हुई हैं। यहां हम आपको इस बीमारी से जुड़े तीन ऐसे मिथकों के बारे में बता रहे हैं, जो शायद अब से पहले आप नहीं जानते होंगे।

मिथक 1: बहुत से लोग धूम्रपान करके भी स्वस्थ है इसलिए जब मुझे कोई हृदय रोग हो जाएगा तब धू्म्रपान छोड़ने का फैसला किया जाएगा।

जी नहीं, धू्म्रपान आपको तुरंत छोड़ देना चाहिए। जब तक हमें ह्रदय, फेफड़ों और सांस की दूसरी बीमारियों के कारण का पता चलता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। और, आपको पता भी नहीं लगता कि आप इसके कब आदी बन चुके हैं। इस आदत जितनी जल्दी छोड़ दें, उतना बढ़िया है।

मिथक 2. अब मेरा रक्तचाप नियंत्रण में है, इसलिए दवा बंद की जा सकती है। लंबे समय तक दवाई लेने से दूसरे पार्श्व प्रभाव हो सकते हैं।

जी नहीं, जैसे ही आप रक्तचाप की दवा लेना बंद कर देते हैं आपका रक्तचाप दोबारा बढ़ जाता है। नई दवाइयां बहुत ही सुरक्षित है और इन्हें तब तक बंद न करें जब तक कि आपका डॉक्टर आपको इन्हें बंद करने की सलाह न दे। रक्तचाप पर नियन्त्रण रखने से आपका ह्रदय, मस्तिष्क और गुर्दे हमेशा सुरक्षित रहेंगे।

मिथक 3. मेरे हाथ और सीने में दर्द बदहजमी की वजह से है न कि ह्रदय रोग की वजह से।

बदहजमी की वजह से परेशानी पेट में होती है न कि छातीगले या बांह में। यह एक गलत धारणा है कि हाथ या छाती में दर्द बदहजमी की वजह से है और यह ह्रदय से संबंधित नहीं हो सकता। अगर छातीगला या बांह में भारीपन है तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

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