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रेत में स्नान कर यमुना मैया की दुर्दशा पर जताया रोष

रेत में स्नान कर यमुना मैया की दुर्दशा पर जताया रोषआगरा : बिन पानी भी भला कोई जिंदगी हो सकती है? यमुना मैया की वर्तमान स्थिति देखें तो आप जवाब देने में लड़खड़ा जाएंगे। पानी की जगह यहां नालों की कीचड़, पॉलीथिन की गंदगी और शौच करते लोग नजर आएंगे। यमुना मैया की इस दुर्दशा पर यहां लोगों ने पानी की जगह रेत में स्नान कर रोष जताया। इसके उपरान्त हर रोज की तरह आरती की गई।  

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अनिल माधव दवे : एक ऐसे मंत्री जिन्हें थी पर्यावरण की गहरी समझ

अनिल माधव दवे : एक ऐसे मंत्री जिन्हें थी पर्यावरण की गहरी समझ

अनिल माधव दवे  (61) का 18 मई को नई दिल्‍ली में हृदयघात से निधन हो गया। पर्यावरणविद, विशेष रूप से नदी संरक्षण कार्यकर्ता, लेखक, शौकिया पायलट और संसद सदस्‍य दवे ने जुलाई 2016 में केन्‍द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री बनने से पहले कई क्षेत्र में कार्य किए थे।

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धरती को बचाने की मुहिम में भारत की भूमिका

धरती को बचाने की मुहिम में भारत की भूमिका

संयुक्त राष्ट्र 22 अप्रैल को एक विशेष दिवस के रूप में पृथ्वी मातृ दिवस मनाता है। 1970 में 10 हजार लोगों के साथ प्रारंभ किए गए इस दिवस को आज 192 देशों के एक अरब लोग मनाते  हैं। इसका बुनियादी उद्देश्य पृथ्वी की रक्षा और भविष्य में पीढ़ियों के साथ अपने संसाधनों को साझा करने के लिए मनुष्यों को उनके दायित्व के बारे में जागरूक बनाना है। (Read in English)

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‘ई गंगा में तो नहा लिया, क्यां न क्यां’

स्वच्छ भारत मिशन- जयपुर जिले में अनूठा नवाचार

राजस्थान के जयपुर जिले में ‘स्वच्छ भारत मिशन‘ के तहत खुले में शौच से मुक्ति के लिए अपनाए गए तरीकों को विश्व बैंक की टीम ने सराहा है। ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त कराने की दिशा में स्कूली बच्चों का भी साथ मिला है। 

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