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हर बार से ज्यादा भव्य है इस बार का कुंभ मेला

हर बार से ज्यादा भव्य है इस बार का कुंभ मेला

 हर बार से ज्यादा भव्य है इस बार का कुंभ मेलागंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम पर मकर संक्रांति के पहले स्नान पर्व पर संगम में पवित्र डुबकी लगाने के लिए दुनियाभर से बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और पर्यटक प्रयागराज पहुंच रहे हैं। यहां अखाड़ों का पहला शाही स्नान तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण होता है।

Read in English :Saints, pilgrims, and tourists are reaching Prayagraj to take Holi dip

प्रयागराज में कुंभ मेला माघ महीने में आयोजित होता है। इस समय बृहस्पति मेष राशि में और सूर्य और चंद्रमा मकर राशि में या बृहस्पति वृष राशि में और सूर्य मकर राशि में होता है। प्रयागराज में कुंभ मेला हर छह साल पर और महाकुंभ हर 12 साल पर आयोजित होता है। पहले वे अर्द्धकुंभ और कुंभ के रूप में जाने जाते थे। लेकिन, इस साल उत्तराखंड सरकार ने घोषणा की है कि अर्द्धकुंभ को कुंभ के नाम से और कुंभ को महाकुंभ के रूप में जाना जाएगा। कुंभ के दौरान स्नान की तिथियां हिंदू ज्योतिष के अनुसार निर्धारित की जाती हैं।

इस वर्ष प्रयागराज कुंभ 3200 हेक्टेयर भूमि में फैला है जो साल 2013 के महाकुंभ की तुलना में लगभग 700 हेक्टेयर अधिक है। इसे 20 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है जबकि साल 2013 में केवल 18 क्षेत्रों को विकसित किया गया था।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने तीर्थयात्रियों के लिए छह हजार बसों को सेवा में शामिल किया है और रेलवे ने राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों से विशेष रेलगाड़ियां भी शुरू की हैं। प्रयागराज जिले में स्थित इलाहाबाद जंक्शन और अन्य रेलवे स्टेशनों पर अधिकांश लंबे रूट की ट्रेनों को ठहराव दिया गया है।

नई दिल्ली, कोलकाता, नागपुर, भोपाल, देहरादून, इंदौर, बेंगलुरु, अहमदाबाद और लखनऊ से प्रयागराज सहित विभिन्न प्रमुख शहरों के लिए कई हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। नई शुरू की गई उड़ानों को संचालित करने के लिए एक नवनिर्मित नागरिक हवाई अड्डा परिचालन के लिए खोल दिया गया है।

मेला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में 87 सार्वजनिक आवासों की स्थापना की है जिससे कि बाहर से आने वाले तीर्थ यात्रियों को सस्ती दरों पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। अन्य एजेंसियों ने विभिन्न स्थानों में पर्यटकों को सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ उच्च गुणवत्ता वाले तम्बू शहर भी विकसित किए हैं। मेला के अरेल क्षेत्र में अप्रवासी भारतीयों के लिए विशेष तम्बू कॉलोनी स्थापित की गई है जो 24 जनवरी को आने वाले हैं। तीर्थयात्री और पर्यटक कुंभ मेला वेबसाइट के माध्यम से अपनी जरूरतों एवं बजट के अनुसार टेंट बुक कर सकते हैं।

संगम पर पवित्र डुबकी के लिए आठ किलोमीटर लंबे स्नान क्षेत्र का विकास किया गया है और इसी तरह मेला के विभिन्न क्षेत्रों में गंगा नदी के तट पर कई अन्य घाट भी विकसित किए गए हैं। कुंभ के दौरान लगभग 12 करोड़ तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। पहले स्नान पर्व और शाही स्नान के सुचारू रूप से संपन्न होने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

Last modified onWednesday, 16 January 2019 12:35
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