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स्वामी विवेकानन्द और राष्ट्रवाद

स्वामी विवेकानन्द और राष्ट्रवाद''केप कैमोरिन में मां कुमारी के मंदिर में इंडियन रॉक के ठीक अंतिम छोर पर जब मैं तल्लीनता के साथ बैठा हुआ था तो मेरे मन में एक विचार आया। हम इतने सारे संन्यासी भटक रहे हैं और लोगों को मेटाफिजिक्स का पाठ पढ़ा रहे हैं- यह सब बावलापन है। क्या हमारे 'गुरुदेव' यह नहीं कहा करते थे 'खाली पेट भजन नहीं होता'? हम एक राष्ट्र के तौर पर अपनी विशेषता खो चुके हैं और यही भारत में कायम सभी तरह की बुराइयों का मुख्य कारण है। हमें आम आदमी की चेतना को जगाना है।''

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कृष्ण जन्माष्टमी पर झूम रहा पूरा देश

देशभर में प्रत्येक वर्ष  कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार दो दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है। इसी कारण इस बार जन्माष्टमी के पर्व को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति है। शहर के विभिन्न मंदिरों में 18 अगस्त को जन्माष्टमी पर्व मनाया जा रहा है। ईस्कॉन मन्दिर मे भी जन्माष्टमी का पर्व आज के दिन ही मनाया जाएगा।  इस पर्व पर हर कोई कान्हा की भक्ति में रंगा हुआ ह

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बृहदेश्वर मंदिर : दक्षिण भारत की वास्तुकला की एक भव्य मिसाल

तमिलनाडु के तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर पूरी तरह से ग्रेनाइट नि‍र्मि‍त है। विश्व में यह अपनी तरह का पहला और एकमात्र मंदिर है जो कि ग्रेनाइट का बना हुआ है। बृहदेश्वर मंदिर अपनी भव्यता, वास्‍तुशिल्‍प और केन्द्रीय गुम्बद से लोगों को आकर्षित करता है। इस मंदिर को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है।

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'खंभ फाड़ प्रकटे नरहरि जयजय श्रीनरहरि...'

भारत संस्कृति प्रधान देश है। भारतीय संस्कृति मे व्रत और त्यौहारों का विशेष महत्व है। व्रत और त्यौहार नई प्रेरणा एवं स्फूर्ति का संवहन करते है। इससे मानवीय मूल्यों की गतिशीलता बनी रहती है और साथ ही संस्कृति का पोषण तथा संरक्षण भी होता रहता है।

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