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उत्साह, शांति, हिम्मत, समृद्धि और आशा के पांच दीये

उत्साह, शांति, हिम्मत, समृद्धि और आशा के पांच दीयेएक घर मे पांच दीये जल रहे थे। एक दिन पहले दीये ने सोचा, 'इतना जलकर भी मेरी रोशनी की लोगों को कोई कद्र नहीं है तो बेहतर यही होगा कि मैं बुझ जाऊं' और वह दीया खुद को व्यर्थ समझकर बुझ गया। जानते हैं वह दीया कौन था? वह दीया था..., ‘उत्साह’ का प्रतीक...!

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