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हरित पटाखों के बारे में सब कुछ जानिए

हरित पटाखों के बारे में सब कुछ जानिए

ऐसे होते हैं हरित पटाखेवैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की नौ प्रयोगशालाओं ने इस बार हरित पटाखे विकसित किए हैं। माना जा रहा है कि ये पटाखे 25 से 30 फीसदी कम प्रदूषण करेंगे।

सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द इन पटाखों को बाजार में लाया जाए।

इन पटाखों में चार अहम बदलाव किए गए हैं जिससे प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी। पटाखों में आमतौर पर एल्युमिनियम,बेरियम, पोटेशियम नाइट्रेट और कार्बन शामिल होते हैं मगर, हरित पटाखों में मैग्नीशियम और जियोलाइट का इस्तेमाल किया जाएगा। ये दोनों तत्व कम प्रदूषण करते हैं। इन पटाखों में पोटेशियम नाइट्रेट का या तो इस्तेमाल किया ही नहीं गया है या उसकी मात्रा बहुत कम रखी गई है।

हरित पटाखों में कार्बन का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं किया गया है। कार्बन के कारण ही पटाखे सबसे ज्यादा धुआं करते हैं।

हरित पटाखों की लागत परंपरागत पटाखों की तुलना में 15 से 20 फीसदी कम है।

भविष्य में ई-पटाखे लाने की भी योजना है। परिषद के अनुसार अभी इन पर अनुसंधान जारी है। 

Last modified onSunday, 04 November 2018 12:09
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