विविधा समाचार

विविधा (88)

भारत में महात्‍मा गांधी के प्रथम सत्‍याग्रह की शताब्‍दी को इस माह अप्रैल में मनाया जा रहा है। इसका शुभांरभ उत्‍तरी बिहार के पूर्व में अविभाजित चंपारण जिले से किया गया था। गांधीजी ब्रिटिश स्‍टेट मालिकों के द्वारा जिले के किसानों के खिलाफ बढ़ते हुए दुर्व्‍यवहार की जानकारी मिलने पर अप्रैल 1917 को वहां गए थे। चंपारण के किसानों ने गांधीजी को जानकारी दी कि वे अपनी भूमि के प्रत्‍येक 20 हिस्‍सों में से तीन पर अपने भूमि मालिकों के लिए खेती करने के कानून से बंधे हैं। इस व्‍यवस्‍था को तिनकथिया कहा जाता था।

भारत में महात्‍मा गांधी के प्रथम सत्‍याग्रह की शताब्‍दी को इस माह अप्रैल में मनाया जा रहा है। इसका शुभांरभ उत्‍तरी बिहार के पूर्व में अविभाजित चंपारण जिले से किया गया था। गांधीजी ब्रिटिश स्‍टेट मालिकों के द्वारा जिले के किसानों के खिलाफ बढ़ते हुए दुर्व्‍यवहार की जानकारी मिलने पर अप्रैल 1917 को वहां गए थे। चंपारण के किसानों ने गांधीजी को जानकारी दी कि वे अपनी भूमि के प्रत्‍येक 20 हिस्‍सों में से तीन पर अपने भूमि मालिकों के लिए खेती करने के कानून से बंधे हैं। इस व्‍यवस्‍था को तिनकथिया कहा जाता था। (Read in English)

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बाबा साहेब अम्‍बेडकर के जीवन और कार्यों के बारे में व्‍यापक अनुसंधान, अध्‍ययन और लेखन हो चुका है। आज हम बाबा साहेब को स्‍वतंत्रता आंदोलन के महानतम नेताओं में से एक के रूप में देखते हैं, जो न केवल एक क्रांतिकारी राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में महान थे, बल्कि शैक्षिक दृष्टि से एक महान बुद्धिजीवी थे।

बाबा साहेब अम्‍बेडकर के जीवन और कार्यों के बारे में व्‍यापक अनुसंधान, अध्‍ययन और लेखन हो चुका है। आज हम बाबा साहेब को स्‍वतंत्रता आंदोलन के महानतम नेताओं में से एक के रूप में देखते हैं, जो न केवल एक क्रांतिकारी राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में महान थे, बल्कि शैक्षिक दृष्टि से एक महान बुद्धिजीवी थे। बाबा साहेब नेताओं की उस श्रेणी से संबद्ध थे, जिन्‍होंने ऐसे विशिष्‍ट कार्य किए, जिनके बारे में बहुत कुछ लिखा जा सकता है, बल्कि उन्‍होंने स्‍वयं भी उपयोगी विषयों पर व्‍यापक लेखन किया, जो भावी पीढ़ियों के लिए पढ़ने  योग्‍य है।

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10 अप्रैल 2017 को चंपारण सत्याग्रह 100 साल का हो गया है।

10 अप्रैल 2017 को चंपारण सत्याग्रह 100 साल का हो गया है।

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भारत में परिवर्तन के वास्तुकार थे डॉ. हेडगेवार

यदि हमें किसी ऐसे व्‍यक्तित्‍व का चयन करना हो जिनके जीवन और संगठनात्‍मक क्षमता ने किसी औसत भारतीय के जीवन को सर्वाधिक प्रभावित किया हो तो वह व्‍यक्तित्‍व निर्विवाद रूप से डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार होंगे। (Read in English)

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डॉ. हेडगेवार के दर्शन का आधार...

डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जैसे कुछ ही व्‍यक्ति हैं जो देश के इतिहास और उसके राजनीतिक भाग्‍य पर गहरी छाप छोड़ते हैं। उन्‍होंने एक ऐसे संगठन की स्‍थापना की जो यकीनन दुनिया में सबसे बड़ा और सबसे स्‍थायी तथा वैचारिक रूप से काफी उन्‍नत है, जिसे समाज के बड़े वर्ग ने अपनाया है। (Read in English)

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