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बापू, शास्त्री और बिस्मिल की याद में हुआ कवि सम्मेलन

बापू, शास्त्री और बिस्मिल की याद में हुआ कवि सम्मेलनफरीदाबाद : लाल बहादुर शास्त्री, लाला लाजपतराय व पं. रामप्रसाद बिस्मिल की स्मृति में सैक्टर 19 स्थित आर्य समाज में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

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‘काव्य कल्लोल’ में हुआ कविता रस का प्रवाह...

‘काव्य कल्लोल’ में हुआ कविता रस का प्रवाह...फरीदाबाद : स्थानीय सेक्टर 29 के सनातन धर्म मंदिर में संस्कार भारती द्वारा आयोजित मासिक कार्यक्रम के तहत "काव्य कल्लोल" गोष्ठी का आयोजन किया गया।

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राजभाषा दर्जें से आगे भी है हिन्‍दी...

14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 1949 में इसी तारीख को संविधान सभा ने एक लंबी और सजीव बहस के बाद देवनागरी लिपि में हिंदी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में अपनाया था। भारतीय संविधान के भाग XVII के अनुच्छेद 343 से 351 तक इसी विषय के बारे में है। अनुच्‍छेद 343 (1) में यह घोषणा की गई है कि देवनागरी लिपि में हिंदी संघ की राजभाषा होगी। लेकिन, अनुच्छेद 343 (2) और उसके बाद के अनुच्‍छेदों को पढ़ने से पता चलता है कि भारत जैसे बहुभाषी राष्ट्र में राजभाषा के मुद्दे को बहुत कठिन और जटिल रास्‍ते से होकर गुजरना है क्‍योंकि देश के सरकारी संस्‍थानों में अंग्रेजी में निर्धारित कानूनों, नियमों और विनियमों का ही वर्चस्व है।

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भारत में कैसे हो भाषा विविधता का संरक्षण...!

भारत में कैसे हो भाषा विविधता का संरक्षण...!

भारत दुनिया के उन अनूठे देशों में से एक है जहां भाषाओं में विविधता की विरासत है। भारत के संविधान ने 22 आधिकारिक भाषाओं को मान्यता दी है। बहुभाषावाद भारत में जीवन का मार्ग है क्‍योंकि देश के विभिन्न भागों में लोग अपने जन्म से ही एक से अधिक भाषा बोलते हैं और अपने जीवनकाल के दौरान अतिरिक्त भाषाओं को सीखते हैं। (Read in English)

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