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जब निराला का सामना हुआ भिखारिन से

जब निराला का सामना हुआ भिखारिन सेमहाकवि निराला का जीवन निष्कपट था। जैसा वह कहते थे, वही उनका आचरण था, बाहर-भीतर एक समान। उनके जीवन के ऐसे अनेक प्रसंग हैं जब उन्होंने दीन-दुखियों के आगे अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

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‘हिंदुस्तां हमारा’ में अभिषेक मेहरोत्रा को सम्मान

‘हिंदुस्तां हमारा’ में अभिषेक मेहरोत्रा को सम्माननई दिल्ली : मीडिया की दुनिया के सूरतेहाल को वेब जर्नलिज्म के जरिए व्यापकता देने और राष्ट्रीय पटल पर लाने के अभूतपूर्व योगदान के लिए युवा पत्रकार और मीडिया विश्लेषक अभिषेक मेहरोत्रा को सम्मानित किया गया है।

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इश्केदिल की ‘उलझनें’

इश्केदिल की ‘उलझनें’दोनों एक झोंक में एकदूजे के पास आ गए और अचानक से उसके कांपते होंठों को उसके कोमल होंठो ने थाम लिया। उसकी आंखें बुझती चली गईं और अंदर मीठी सी तरंग दौड़ गई। अचानक से, उसने एक उत्सुकता में अपनी आंखें हल्के से खोलीं तो देखा क़ि दो आंखें उसे भी उस तरंगित दौर में बड़े प्यार से निहार रही थीं।

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