संपादकीय समाचार

संपादकीय (106)

स्वच्छ भारत मिशन : अभी बहुत कुछ है बाकी...

महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका में बिताए वर्षों में दो घटनाएं साफ तौर पर प्रभावित करती हैं। पहली, वह नस्लीय भेदभाव जिसका उन्हें ट्रेन के प्रथम श्रेणी के डिब्बे में सामना करना पड़ा, जब उन्‍हें एक असभ्य यूरोपियन नागरिक द्वारा उनके सवालों से तंग आकर पीटरमैरिट्सबर्ग स्टेशन पर ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया था। (Read in English)

Read more...

मुख्यधारा में आएं युवा तो होगा परिवर्तन...

युवाओं की उद्यमी महत्‍वाकांक्षा और उपभोक्‍तावादी इच्‍छाओं को उनके दृष्टिकोण और विवेकपूर्ण कार्यों में नैतिकता और नैतिक मूल्‍यों को विकसित करने के लिए विवेकानंद का जन्‍म दिवस 12 जनवरी देश के युवाओं को समर्पित है। आज के युवा बाजार संचालित उपभोक्‍तावादी संस्‍कृति के अ‍त्‍यधिक दिखावे से सम्‍मोहित हैं।

Read more...

प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के 15वें संस्करण का कर्नाटक के बैंगलुरू में 7-9 जनवरी में आयोजन किया जा रहा है।

प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के 15वें संस्करण का कर्नाटक के बैंगलुरू में 7-9 जनवरी में आयोजन किया जा रहा है। इस तरह के पहले वार्षिक सम्मेलन का आयोजन 9-11 जनवरी को साल 2003 में किया गया था और अगस्‍त 2000 में गठित एक उच्‍चस्‍तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर इसे 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस अथवा ओवरसीज इंडियन के रूप में अपनाया गया।

Read more...

प्रधान न्‍यायाधीश का कार्यकाल ‘तय’ किए जाने की है सख्त जरूरत

उच्चतर न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति में विलंब के लिए लगातार कार्यपालिका को जिम्मेदार ठहराने और उसपर न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित करने के लग रहे आरोपों के बीच एक संसदीय समिति ने देश के प्रधान न्यायाधीश और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल एक साल से अधिक समय का निर्धारित करने की सिफारिश की है। समिति की इस सिफारिश पर यह सवाल उठना स्वाभाविक होगा कि आखिर देश की स्वतंत्र न्यायपालिका के इतिहास में अभी तक कभी ऐसा महसूस क्यों नहीं किया गया और अब इस तरह का सुझाव संसदीय समिति ने क्यों दिया?

Read more...

भारत में कौशल विकास

भारत को अपनी 60 प्रतिशत जनसंख्या क्रियाशील (कार्य करने वाली) आयु में होने का जनसांख्यिकीय लाभ है। भारत के समक्ष यह युवा शक्ति विकास दर में वृद्धि करने और शेष विश्व को कुशल श्रमशक्ति प्रदान करने का सुअवसर प्रदान करती है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार यह जनसांख्यिकीय फायदा इसलिए है क्योंकि भारत की क्रियाशील आयु वाली जनशक्ति अगले तीन दशकों, कम से कम 2040 तक, आश्रित जनसंख्या से अधिक बनी रहेगी।

Read more...

इन्हें भी पढ़ें

loading...

About Us  * Contact UsPrivacy Policy * Advertisement Enquiry * Legal Disclaimer * Archive * Best Viewed In 1024*768 Resolution * Powered By Mediabharti Web Solutions