Menu

 


प्रसाद, लंगर या भंडारा सामग्री पर जीएसटी का अपना हिस्‍सा लौटाएगा केंद्र

प्रसाद, लंगर या भंडारा सामग्री पर जीएसटी का अपना हिस्‍सा लौटाएगा केंद्रनई दिल्ली : संस्‍कृति मंत्रालय ने वित्‍त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए कुल 325 करोड़ रुपये की लागत से ‘सेवा भोज योजना’ नामक नई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत भोजन, प्रसाद, लंगर और भंडारे के लिए घी, तेल, आटा, मैदा, रवा, चावल, दाल, चीनी, बूरा, गुड जैसी कच्‍ची सामग्री की खरीदारी पर केन्‍द्रीय वस्‍तु और सेवाकर (सीजीएसटी) और एकीकृत वस्‍तु और सेवाकर (आईजीएसटी) का केन्‍द्र सरकार का हिस्‍सा लौटा दिया जाएगा।

Read more...

वस्तु और सेवा कर से खुले विदेशी व्‍यापार के कई नए आयाम

पिछले कुछ वर्षों में विश्‍व व्‍यापार की विकास दर के कमजोर रहने से विश्‍व अर्थव्‍यवस्‍था में लगातार कमजोरी दिखाई दे रही है, जैसा कि विश्‍व व्‍यापार संगठन ने भी अप्रैल 2017 के अपने अध्‍ययन में पाया है। मगर, विदेश व्‍यापार के मामले में भारत का कार्य निष्‍पादन, तिजारती माल और सेवा दोनों ही क्षेत्रों में लगातार सकारात्‍मक रुझान प्रदर्शित कर रहा है।

Read more...

संसद के ऐतिहासिक मध्‍यरात्रि सत्र के बीच जीएसटी की शुरुआत

संसद के ऐतिहासिक मध्‍यरात्रि सत्र के बीच भारत में जीएसटी की शुरुआतनई दिल्ली : संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित ऐतिहासिक मध्‍यरात्रि सत्र के बीच वस्‍तु एवं सेवा कर व्‍यवस्‍था लागू हो गई। बटन दबाकर देश में जीएसटी की शुरुआत करने से पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सभा को संबोधित किया।

Read more...

जीएसटी से कई वस्‍तुओं पर कर बोझ होगा कम

जीएसटी से कई वस्‍तुओं पर कर बोझ होगा कमनई दिल्ली : वस्‍तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से सीमेंट के पैकेट, दवाईयों, स्मार्ट फोन और सर्जिकल उपकरणों जैसी विभिन्‍न वस्‍तुओं पर कर दर घटने से उपभोक्‍ताओं को लाभ होगा।

Read more...

जीएसटी का अबतक का सफर...

वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया जाना भारत में अप्रत्यक्ष कर सुधारों के क्षेत्र में एक अत्‍यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बड़ी संख्‍या में केन्‍द्रीय एवं राज्‍य करों को मिलाकर उन्‍हें एकल कर यानी जीएसटी का रूप देने से करों की बहुतायत अथवा दोहरे कराधान की समस्‍या का समाधान बड़े पैमाने पर हो जाएगा और इसके साथ ही ‘एक समान राष्‍ट्रीय बाजार’ का मार्ग प्रशस्‍त होने की संभावना है।

वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया जाना भारत में अप्रत्यक्ष कर सुधारों के क्षेत्र में एक अत्‍यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बड़ी संख्‍या में केन्‍द्रीय एवं राज्‍य करों को मिलाकर उन्‍हें एकल कर यानी जीएसटी का रूप देने से करों की बहुतायत अथवा दोहरे कराधान की समस्‍या का समाधान बड़े पैमाने पर हो जाएगा और इसके साथ ही ‘एक समान राष्‍ट्रीय बाजार’ का मार्ग प्रशस्‍त होने की संभावना है। 

Read more...

आर्थिक समीक्षा 2016-17: जीएसटी से साझा भारतीय बाजार निर्माण की उम्मीद

संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 में कहा गया है कि सुदृढ़ वृहत आर्थिक स्थिरता की पृष्‍ठभूमि में वर्ष के दौरान दो प्रमुख घरेलू नीतिगत घटनाएं हुई हैं। इनमें से एक है... संविधान संशोधन पारित होने से ऐतिहासिक वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने का मार्ग प्रशस्‍त होना और दूसरी है दो बड़े नोटों का विमुद्रीकरण।

नई दिल्ली : संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 में कहा गया है कि सुदृढ़ वृहत आर्थिक स्थिरता की पृष्‍ठभूमि में वर्ष के दौरान दो प्रमुख घरेलू नीतिगत घटनाएं हुई हैं। इनमें से एक है... संविधान संशोधन पारित होने से ऐतिहासिक वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने का मार्ग प्रशस्‍त होना और दूसरी है दो बड़े नोटों का विमुद्रीकरण। समीक्षा में उम्मीद जताई गई है कि जीएसटी से एक साझा भारतीय बाज़ार का निर्माण होगा और कर अनुपालन एवं प्रशासन तथा निवेश और आर्थिक वृद्धि में सुधार होगा तथा यह भारत के सहकारी संघवाद के प्रबंधन में एक नया ठोस प्रयोग है।

Read more...

वस्‍तु एवं सेवा कर : भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बन सकता है मील का पत्थर

122वां संविधान संशोधन भारत के राजनैतिक-आर्थिक इतिहास में मील का पत्‍थर साबित होगा क्‍योंकि इस क्रांतिकारी कदम से देश को वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में अब तक का सर्वाधिक प्रगतिशील कर सुधार प्राप्‍त हो रहा है।122वां संविधान संशोधन भारत के राजनैतिक-आर्थिक इतिहास में मील का पत्‍थर साबित होगा क्‍योंकि इस क्रांतिकारी कदम से देश को वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में अब तक का सर्वाधिक प्रगतिशील कर सुधार प्राप्‍त हो रहा है। इससे एक तरफ कारोबार और उद्योग के लिए आसानी होगी, वहीं दूसरी तरफ सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह होगी कि उपभोक्‍ताओं के लिए वस्‍तुओं और सेवाओं की कीमत में कमी आएगी। इस कदम से केंद्र और राज्‍यों को राजस्‍व में किसी प्रकार का नुकसान भी नहीं होगा। इसके अलावा जीएसटी से ऐसी कर व्‍यवस्‍था वजूद में आएगी जिससे सकल घरेलू उत्‍पाद में एक से डेढ़ प्रतिशत का इजाफा होगा और करों के मकड़जाल से मुक्ति मिलेगी। (Read in English)

Read more...

क्या है वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और इसके लाभ...?

http://www.mediabharti.com/news1/index.php/2011-06-30-23-44-03/item/2720-goods-and-services-tax-what-is-gst-and-its-benefits%E2%80%A6नई दिल्ली : एक बड़ी जद्दोजहद के बाद आखिरकार सरकार वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संबंधी सांविधानिक संशोधन बिल को राज्यसभा में पारित कराने में कामयाब हो गई। इससे संबंधित प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्‍नों के उत्‍तर कुछ इस प्रकार हैं... (Read in English)

Read more...
Subscribe to this RSS feed

loading...
Bookmaker with best odds http://wbetting.co.uk review site.