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जीएसटी का सर्वोत्‍तम नतीजा आना अभी बाकी...

जीएसटी का सर्वोत्‍तम नतीजा आना अभी बाकी...

जीएसटी का सर्वोत्‍तम नतीजा आना अभी है बाकी...नई दिल्ली : केन्द्र सरकार ने रविवार को पहला जीएसटी दिवस मनाया। प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर केन्‍द्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वस्‍तु एवं सेवा कर ने लोगों को कर चोरी किए बगैर ही पारदर्शी ढंग से कारोबार करने के लिए प्रेरित किया।

Read in English: Best Of GST Is Yet To Come…

जेटली ने कहा कि भारत में जीएसटी से पहले जो कर प्रणाली थी, वह दुनिया की सर्वाधिक जटिल कर प्रणालियों में से एक थी। तरह-तरह के करों, करदाताओं द्वारा कई तरह के रिटर्न भरने, अनगिनत कर अधिकारियों से सामना होना, टैक्‍स पर टैक्‍स लगाए जाने, बढ़ती महंगाई, देशभर में वस्‍तुओं की कोई मुक्‍त आवाजाही न होने, बाजारों का विखंडित होने जैसे विभिन्‍न मसलों से अप्रत्‍यक्ष कर प्रणाली समस्‍याग्रस्‍त थी।

अरुण जेटली ने कहा, ‘हमने इन कारणों का विश्‍लेषण किया कि आखिरकार पिछली सरकारें जीएसटी को लागू क्‍यों नहीं कर पाईं। हमने राज्‍यों द्वारा उठाए गए समस्‍त मसलों को सुलझाया और उन्‍हें इस बात का आश्‍वासन दिया कि उनके राजस्‍व संग्रह में कमी होने की भरपाई निश्चित तौर पर की जाएगी। जीएसटी परिषद भारत की प्रथम आम सहमति आधारित संघीय निर्णय निर्माता संस्‍था है।’ 

एक साल की अवधि में जीएसटी द्वारा हासिल की गई सफलताओं का उल्‍लेख करते हुए जेटली ने कहा कि इस सुधार ने एक एकीकृ‍त बाजार का सृजन किया है। टैक्‍स पर टैक्‍स लगाए जाने की समस्‍या को समाप्‍त किया है। कुल कराधान बास्‍केट का भारांक औसत कम हो गया है। जीएसटी परिषद टैक्‍स स्‍लैबों को तर्कसंगत बनाने पर निरंतर काम कर रही है। जीएसटी के सफल कार्यान्‍वयन के परिणामस्‍वरूप प्रत्‍यक्ष करों का अग्रिम भुगतान बढ़ गया है । उन्होंने यह जानकारी भी दी कि जीएसटी को लागू किए जाने के बाद पिछले वित्‍त वर्ष के नौ माह की अवधि के दौरान अप्रत्‍यक्ष करों का कुल संग्रह लगभग 8.2 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो समूचे वर्ष के आधार पर लगभग 11 लाख करोड़ रुपये बैठता है। इस तरह प्रत्‍यक्ष करों के संग्रह में 11.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

जीएसटी के वर्तमान स्‍लैबों को तर्कसंगत बनाने की गुंजाइश का उल्‍लेख करते हुए जेटली ने कहा कि जीएसटी परिषद इस दिशा में निरंतर काम कर रही है और जीएसटी प्रणाली में स्थिरता आने को कर चोरी की रोकथाम के जरिये कर संग्रह बढ़ने और कर दायरा बढ़ने से इन स्‍लैबों को अपेक्षित ढंग से तर्कसंगत बनाना संभव हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके अनुमान के अनुसार गैर-तेल श्रेणी में अप्रत्‍यक्ष कर संग्रह में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि होने की आशा है, जिससे निकट भविष्‍य में टैक्‍स स्‍लैब स्‍वत: ढंग से ही तर्कसंगत हो जाएंगे।

जेटली ने अपने संबोधन के समापन में कहा कि वैसे तो जीएसटी की प्रथम वर्ष की उपलब्धियों पर प्रसन्‍न होने के कई कारण हैं लेकिन समाज में इसके बहुमूल्‍य योगदान के रूप में जीएसटी का सर्वोत्‍तम नतीजा आना अभी बाकी है।

इस अवसर पर केन्‍द्रीय रेल, कोयला, वित्‍त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि‍ जीएसटी सहकारी एवं सहयोगात्‍मक संघवाद का एक प्रतीक है और जीएसटी दिवस 1.25 अरब भारतीयों का विशेष दिवस है। अत: इसका जश्‍न मनाया जाना चाहिए।

गोयल ने जीएसटी को छोटे कारोबारियों के लिए ‘गेम चेंजर’ बताते हुए कहा कि 20 लाख रुपये तक के कारोबार (टर्नओवर) वाले उद्यमों को जीएसटी से मुक्‍त कर दिया गया है और एक करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले उद्यमों को एक प्रतिशत टैक्‍स देना पड़ता है। उन्‍होंने कहा कि संसद के मानसून सत्र में एक संशोधन के जरिये इस सीमा को बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये तक के कारोबार को इसके दायरे में लाने का मन बनाया गया है।

जीएसटी के तहत टैक्‍स स्‍लैबों में कमी का उल्‍लेख करते हुए गोयल ने यह स्‍पष्‍ट किया कि भारत के सामाजिक-आर्थिक हालात को ध्‍यान में रखते हुए जीएसटी परिषद में व्‍यापक विचार-विमर्श के बाद टैक्‍स के विभिन्‍न स्‍लैब तय किए गए हैं।

इस मौके पर वित्‍त सचिव डॉ. हसमुख अधिया ने कहा कि इस कर सुधार से महंगाई और राजस्‍व संग्रह पर कुछ भी प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है और एक साल की छोटी सी अवधि में ही जीएसटी में स्थिरता आ गई है।

डॉ. अधिया ने विभिन्‍न आंकड़ों के जरिये अपनी दलील को सही बताते हुए कहा कि पिछले नौ महीनों के दौरान हर माह औसतन 89,885 करोड़ रुपये के अप्रत्‍यक्ष कर का संग्रह हुआ है। इसके अलावा अप्रैल में 1.03 लाख करोड़ रुपये, मई में 94,016 करोड़ रुपये और जून में 95,610 करोड़ रुपये के कर संग्रह से यह स्‍पष्‍ट होता है कि जीएसटी में स्‍थायित्‍व आ गया है।

Last modified onSunday, 01 July 2018 20:37
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