Menu

 


दुग्ध उत्पादन में देश पहले स्थान पर पहुंचा

दुग्ध उत्पादन में देश पहले स्थान पर पहुंचानई दिल्ली : भारत दुग्ध उत्पादक देशों में अब प्रथम स्थान पर काबिज हो गया है। वर्ष 2015-16 में दुग्ध उत्पादन की वृद्धि दर 6.28 प्रतिशत रही है जिससे कुल उत्पादन 156 मिलियन टन तक पहुंच गया है। इससे भारत में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता औसतन 337 ग्राम प्रतिदिन हो गई है जबकि विश्व स्तर पर यह औसतन 229 ग्राम ही है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011-14 के मुकाबले वर्ष 2014-17 में दुग्ध उत्पादन वृद्धि 16.9 प्रतिशत हुई है।

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा पशु-पालन के क्षेत्र में अनेक नई पहल की गई हैं। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत गोकुल ग्राम की तर्ज पर ‘गिर गाय अभ्याहरण्य’ स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। यह धर्मपुर, पोरबंदर में स्थापित किया जाएगा। पशुधन बीमा कवरेज में जहां पहले दो दुधारू पशुओं को शामिल किया गया था वहीं अब इसमें पांच दुधारू पशुओं और 50 छोटे जानवरों को शामिल किया गया है।

वर्ष 2014-16 के दौरान अकेले गुजरात राज्य में लगभग 26 हजार पशुओं का बीमा किया गया। पशु-चिकित्सा शिक्षा में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए जूनागढ़ में एक कॉलेज स्थापित किया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि ज्यों-ज्यों शहरी एवं ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर बढ़ता जा रहा है त्यों-त्यों पशुजन्य‍ प्रोटीन की मांग भी बढ़ती जा रही है, इसलिए यह आवश्यक है कि हम पशुधन, मुर्गी एवं मछली उत्पादन की निरन्तर वृद्धि की ओर प्रयत्नशील हों जिससे देश का प्रत्येक नागरिक सुपोषित और स्वस्थ रहे।

सिंह ने कहा कि भारत सरकार सन् 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए पशु-चिकित्सा क्षेत्र को प्रोत्साहित करने की महती आवश्यकता है।

ध्यान रहे, भारत में पशुधन की संख्या विश्व में सबसे ज्यादा 512.05 मिलियन है जिसमें 199.1 मिलियन गौ पशु, 105.3 मिलियन भैंस, 71.6 मिलियन भेड़ और 140.5 मिलियन बकरी हैं। बकरियों की संख्या के मामले में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है और भारत की पशु संख्या में इसकी लगभग 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। भारतीय पोल्ट्री इंडस्ट्री भी विश्व के दूसरे सबसे बड़े बाजार के रूप में उभर रही है जिसमें 63 बिलियन अण्डा और 649 मिलियन पोल्ट्री मीट उत्पादन शामिल है। भारत की समुद्री एवं फिश इंडस्ट्री लगभग सात प्रतिशत की यौगिक वार्षिक वृद्धि दर के साथ आगे बढ़ रही है। कुल मिलाकर, भारतीय पशुधन सेक्टर तेज गति से आगे बढ़ रहा है और ग्लोबल बाजार में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभर रहा है।

Last modified onSaturday, 03 June 2017 21:06
back to top

loading...
Bookmaker with best odds http://wbetting.co.uk review site.