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प्रसाद, लंगर या भंडारा सामग्री पर जीएसटी का अपना हिस्‍सा लौटाएगा केंद्र

प्रसाद, लंगर या भंडारा सामग्री पर जीएसटी का अपना हिस्‍सा लौटाएगा केंद्रनई दिल्ली : संस्‍कृति मंत्रालय ने वित्‍त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए कुल 325 करोड़ रुपये की लागत से ‘सेवा भोज योजना’ नामक नई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत भोजन, प्रसाद, लंगर और भंडारे के लिए घी, तेल, आटा, मैदा, रवा, चावल, दाल, चीनी, बूरा, गुड जैसी कच्‍ची सामग्री की खरीदारी पर केन्‍द्रीय वस्‍तु और सेवाकर (सीजीएसटी) और एकीकृत वस्‍तु और सेवाकर (आईजीएसटी) का केन्‍द्र सरकार का हिस्‍सा लौटा दिया जाएगा।

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ग्रामीण विकास क्षेत्र के बजट प्रावधान, कितने होंगे कामयाब…!

साल 2012-13 के 50,162 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान से साल 2017-18 में ग्रामीण विकास विभाग का आबंटन 109042.45 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा 2017-18 के दौरान ग्रामीण विकास विभाग के कार्यक्रमों के लिए पीएमजीएसवाई तथा पीएमएवाई में उच्चतर वित्त आयोग अनुदान तथा राज्य के अधिक भागीदारी भी उपलब्ध थी। कुल मिलाकर यह सब 2012-13 में उपलब्ध कुल निधि से लगभग तीन गुना है। बढ़े हुए वित्तीय प्रावधान के अतिरिक्त, ग्रामीण विकास ने सामाजिक-आर्थिक जातीय जनगणना-2011 (एसईसीसी-2011), आईटी / डीबीटी भुगतान प्रणाली, लेन-देन आधारित कार्यक्रम एमआईएस तथा सम्पदाओं के जियो-टेगिंग के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करके पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दूरगामी प्रशासनिक व्यवस्था शुरू की है।बीते दिन पेश हुए बजट में सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र विकास के लिए अपनी थैली खोली है। यह कहा जा सकता है कि संभवत: पहली बार किसी बजट में गांवों को केंद्र में रखा गया है। यहां तक कि इसके लिए इस बार मध्यम वर्ग को भी एक तरह से दरकिनार कर दिया गया है। अब तक यह माना जाता था कि मध्यम वर्ग को खुश रखकर ही वोट हासिल किए जा सकते हैं। इसे ध्यान में रखें तो अगले वर्ष चुनावों का सामना करने जा रही मोदी सरकार का यह बड़ा और नई तरह का दांव माना जा सकता है। लेकिन, सवाल यह है कि ग्राम्य विकास के इन प्रावधानों को सरकार कितना पूरा कर पाएगी...?

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आम बजट 2018-19 : किसानों की बढ़ी आशा, मध्यम वर्ग को हाथ लगी निराशा

बजट 2018-19 की मुख्य बातेंनई दिल्ली : केंद्रीय वित्‍त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने संसद में आम बजट 2018-19 पेश करते हुए कहा कि सरकार विनिर्माण सेवाओं और निर्यातों के क्षेत्र में आठ प्रतिशत से अधिक की आर्थिक विकास दर प्राप्‍त करने के प्रति वचनबद्ध है।

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बजट 2018-19: कुल खर्च 24.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान

बजटनई दिल्ली : साल  2018-19 के दौरान कुल व्यय 24.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक तथा राजकोषीय घाटा 6 लाख 24 हजार 276 करोड़ रुपये होने का अनुमान है जिसका वित्त पोषण ऋण लेकर किया जाएगा।

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