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दिल्ली में ट्रैफिक पर बनी समिति ने और फ्लाईओवर न बनाने का दिया सुझाव

दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक पर बनी समिति ने और फ्लाईओवर न बनाने का दिया सुझावनई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक को लेकर बनाई गई उच्च अधिकार प्राप्त समिति ने परिवहन नीति में सुधार की सिफारिश की है। समिति ने कारों के बढ़ते दबाव से मुक्त होने के लिए सावर्जनिक वाहनों के प्रयोग पर जोर दिया। दिल्ली में दिनों दिन ट्रैफिक व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर सामने आई मीडिया रिपोर्ट के बाद शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने अक्टूबर, 2014 को समिति बनाई थी। (Read in English)

शहरी विकास मंत्रालय में सचिव राजीव गउबा के नेतृत्व में अंतर मंत्रालयीय समिति में 19 अलग-अलग मंत्रालयों के प्रतिनिधि, केंद्र व दिल्ली सरकार की एजेंसी, दिल्ली पुलिस और सभी शहरी इकाइयों के बीच कई दौर की वार्ती के बाद दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था को बाहर करने के लिए सर्वसम्मति से एक रिपोर्ट तैयार की गई।

समिति ने इस रिपोर्ट में बताया कि पहले से ही शहर का 21 प्रतिशत क्षेत्रफल सड़कों से पटा हुआ है, नई सड़कों के निर्माण के लिए संभावनाएं बहुत कम है। 60 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो 4 किमी से भी कम यात्रा करते हैं और 80 प्रतिशत ऐसे हैं जो 6किमी से भी कम यात्रा करते है। ये ऐसे बिन्दु हैं जहां पर हम वाहनों का प्रयोग कम कर सकते हैं। समिति ने साइकिल और पैदल चलने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने की सिफारिश की। समिति ने कहा कि नए फ्लाईओवर का निर्माण और वाहनों के बढ़ने में मदद करेगा, अत: इसकी आवश्यकता तब तक नहीं है जब तक कि कोई प्राकृतिक बाधा नदी या अन्य कोई बाधा सामने न आए। समिति ने चिंता जताते हुए कहा कि शहर में तेजी से बढ़ रही स्थानीय सोसायटी द्वारा गेट बंद कर रास्तों को रोकन सही नहीं है, इसकी वजह से मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक बहुत बढ़ जाता है।

समिति अगले पांच वर्ष में विभिन्न उपायों के तहत शहर के कुल परिवहन में सार्वजनिक परिवहन और गैर मोटर चालित दौरे के लिए 80% हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कर लगाएगी। एक अनुमान के माध्यम से 2021 में प्रति दिन 280 लाख यात्राएं करने की वृद्धि का अनुमान है, 1981 में 45 लाख यात्राएं, 2001 में 118 लाख यात्राएं और 2008 में 144 लाख का आंकड़ा था।

समिति ने निष्कर्ष निकाला ऑटोमोबाइल आबादी में विस्फोटक वृद्धि को रोकने के लिए और सार्वजनिक और गैर मोटर चालित परिवहन के उपयोग में वृद्धि को सक्षम करने के लिए पार्किंग मूल्य निर्धारण और भीड़ (congestion) टैक्स लगाया जाए।

18 विभिन्न केंद्रीय और दिल्ली सरकार के विभागों और एजेंसियों के शहर क्षेत्र में परिवहन के विभिन्न पहलुओं से निपटने पर चिंता जताते हुए समिति ने बेहतर समन्वय, त्वरित निर्णय लेने और निष्पादन के लिए एक एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण बनाने की सिफारिश की। 

शहर में सुरक्षित, टिकाऊ, किफायती, न्यायसंगत, सहज सुलभ और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने, समिति के घटकों के साथ एक चार सूत्री रणनीति की सिफारिश की।

Last modified onMonday, 06 June 2016 20:32
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