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'भगवान कभी अपने भक्त में दोष-विकार नहीं देखते...' Featured

गोवर्धन : भागवत कथा का स्वाद मानव को लग जाए तो उसके सारे पाप, कष्ट दूर हो जाते हैं। मानव को अपना जीवन धन्य करने के लिए हर समय भगवत भजन करते रहना चाहिए तभी उसकी मुक्ति संभव है। भगवान कभी अपने भक्त में दोष-विकार नहीं देखते हैं।

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{/googleAds} यह विचार गिरिराज महाराज की तलहटी के आन्यौर परिक्रमा मार्ग स्थित रामानन्दाश्रम में भागवत कथा के अवसर पर खाम गांव महाराष्ट्र के जाग्रति आश्रम के संत शंकर महाराज ने कहे। उन्होंने कहा, आप सभी श्रोताओं को भगवान गिरिराज महाराज की गोद में बैठकर भागवत कथा सुनने का मौका मिल रहा है।

भागवत के दौरान रामानन्दाश्रम के महामंत्री महंत पं. शंकरलाल चतुर्वेदी एवं संस्थान के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी ने भागवत कथा की आरती उतारी और भागवत कथा में शिवलाल चतुर्वेदी, जगदीश राय, पुंडलीका पाटिल, डॉ. हरकुट, भगवान राठी, बालूअवचार, देवेन्द्र मलकर और चन्द्रशेखर इंदौड आदि मौजूद थे।

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