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वृंदावन के मंदिरों में होली की बयार से श्रद्धालु हुए मदमस्त Featured

वृंदावन : मंदिरों में होली की बयार सी चलने लगी कान्हा से लड़ गए नैन होली मैं तो खेलूंगी। इस मधुर गीत पर नाचती गातीं, इठलाती ब्रज वृंदावन की नारियां सब कुछ भूल अपने सांवरे सलोने की याद कर खो जातीं हैं। वातावरण में चहुंओर खुशी का माहौल, होली की मस्ती में सब खो जाना चाहते हैं।

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{/googleAds} इन दिनों वृंदावन के मंदिरों में सुबह से शाम तक कुछ निराला माहौल रहता है। लोग मंदिरों में पूजा करने आते हें परन्तु श्रद्धाभाव और वहां बहने वाली फागुनी बयार को देख वे ऐसे रम जाते हैं कि उन्हें अपने तन-मन पर काबू नहीं रहता है। होली पर्व पर कान्हा के दीवाने श्रद्धालु मंदिरों में रोजाना सुबह जुटते हैं और शुरू हो जाती है फाग और गीतों की बयार।

इसमें हजारों भक्त देशी और विदेशी होते हैं। इस बीच उन्हें कब गुलाल लगा, किसने लगाया यह भी ध्यान नहीं रहता। दरअसल स्थानीय राधा-कृष्णा मंदिर के श्री हित रास मंडल पर होली के अवसर पर सभी मंदिरों की भांति भक्तों का जमावड़ा लगा। होली के अवसर पर रसिया की शुरूआत हुई फाग गाई गई तो भक्तों के पैर थिरकने लगे। फाग गीत के बोल फूटे मेरे कान्हा से लड़ गए नैन, होली मै तो खेलूंगी... ,इस गीत ने पूरे वातावरण में जैसे रस घोल दिया हो।

सुबह आठ बजे से शाम तक मंदिर के हित रास मंडल पर नृत्य, गीत और गुलाल की बौछार का क्रम अनवरत चलता रहा। सप्त देवालयों में राधाबल्लभ, राधादामोदर, प्रिया बल्लभ कुंज, राधा रमण, प्रिया बल्लभ और गोदा विहार दिव्य देश आदि मंदिरों में होली पर भक्तों का जमावड़ा लगा रहा।

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