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80 पदक जीतने वाली महिला पुलिसकर्मी उपेक्षित Featured

आगरा : इस समय आयरलैंड में जारी विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स में हिस्सा लेने पहुंचीं उत्तर प्रदेश की महिला पुलिसकर्मी अनीता यादव पिछले 15 वर्षो से खेल में देश को अनेक पदक और कई गौरवपूर्ण उपलब्धियां प्रदान कर चुकी हैं। लेकिन अपनी तरफ बरती गई उदासीनता से वह दुखी हैं। अनीता अब तक 80 पदक जीत चुकी हैं। उत्तरी आयरलैंड में प्रत्येक दो वर्ष पर होने वाले इस टूर्नामेंट में व्यक्तिगत एवं टीम स्तर की अनेक स्पर्धाएं होती हैं। अनीता ने टूर्नामेंट के 200 मीटर सामान्य एवं लंबी कूद स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। अनीता का आरोप है, ‘मैंने पिछले 15 वर्षो में आगरा और उप्र के लिए सारे पदक और उपाधियां हासिल कीं। लेकिन मुझ पर किसी को कोई गर्व नहीं है।

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{/googleAds} अनीता ने 15 वर्ष पहले उप्र पुलिस में कांस्टेबल के पद पर नौकरी शुरू की थी और आज भी वह कांस्टेबल ही हैं। चार वर्ष पहले मलेशियन इंटरनेशनल ओपन मास्टर्स एथलीट्स चैम्पियनशिप में अनीता को सर्वश्रेष्ठ एथलीट अवार्ड मिला था।

 

उन्होंने लंबी कूद में 5 मीटर 40 सेंटीमीटर कूदकर स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके अलावा उन्होंने भाला फेंक में स्वर्ण पदक तथा मेड्ली रिले रेस में कांस्य पदक हासिल किया था। उस समय वह उप्र से एकमात्र प्रतिभागी थीं। इसके अलावा मथुरा में तैनात अनीता को खेल के साथ-साथ पुलिस की नौकरी करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

अनीता ने बेलफास्ट जाने से पहले आगराटुडे.इन को बताया, ‘मैं किसी तरह काम चला लेती हूं, क्योंकि मेरे पति शांति स्वरूप हमारे बच्चों की देखभाल कर लेते हैं। वह भी पुलिस विभाग में ही नौकरी करते हैं। उन्होंने मुझे कभी भी घरेलू कामकाज का बोझ महसूस नहीं होने दिया, और हमेशा मुझे प्रोत्साहित करते रहते हैं।

अनीता आगे कहती हैं कि विभिन्न खेलों में 80 पदक जीतने के बाद भी खेलों में मेरा भविष्य सुरक्षित नहीं है। अनीत खेल प्राधिकरण के अधिकारियों पर आरोप लगाती हैं कि इन सबके बावजूद उन्हें वहां से किसी तरह की अतिरिक्त सुविधा या कोई अतिरिक्त भत्ता कुछ भी नहीं मिलता। अनीता बताती हैं कि उनका पूरा वेतन उनके अकेले के भोजन पर चला जाता है, क्योंकि खेलों के लिए उन्हें हमेशा स्वस्थ और तंदुरुस्त रहना पड़ता है।

इतनी सफलताओं, सरकारी उदासीनता और पुलिस की नौकरी के बावजूद अनीता ने आगराटू़डे.इन को बताया, ‘मैं इस बात को विशेष जोर देकर कहना चाहती हूं कि हम भ्रष्ट लोगों से तथा रिश्वत के रूप में फूटी कौड़ी भी नहीं लेते। पूरा पुलिस महकमा इस बात को जानता है।

Last modified onFriday, 06 September 2013 14:13
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