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चंबल नदी का जलस्तर बढ़ा, अंतरराज्यीय यातायात प्रभावित Featured

आगरा : चंबल नदी के बढ़ते जलस्तर ने खतरे की घंटी बजा दी है। इस कारण उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश में आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित किया हुआ है। राजमार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।

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{/googleAds} ग्वालियर स्थित मुंबई-आगरा राजमार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ था और अब कुछ स्थानों पर वाहनों को रोक कर रखा गया है।

कोटा बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के चलते धौलपुर के मुरैना में चंबल नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। पुलिस ने बताया कि नदी का पानी अब खेतों में घुसने लगा है।

मथुरा और आगरा में हालांकि यमुना अभी बाढ़ के खतरे के निशान से कुछ मीटर नीचे है, फिर भी अधिकारी चौकसी बरत रहे हैं। लोगों से कहा गया है कि अगर जल स्तर खतरे के निशान को पार करता है तो वे सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।

यमुना के किनारों पर हो रही बालू की अवैध खुदाई के कारण हालात और खराब हुए हैं।

आगरा में प्रतिवर्ष औसतन 650 मिलीमीटर (बरसात होती है यहां यह अभी इसके समकक्ष पहुंच चुकी है। किसान रवि सिंह ने कहा, "तो अब आगे सितंबर इस क्षेत्र के लिए बोनस होगा।"

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यहां गांधी सागर और कोटा बैराज से बड़ी मात्रा में अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है।

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