क्षेत्रीय समाचार

यमुना प्राकट्योत्सव दिवस पर विशेष आरती का आयोजन

आगरा : यमुना प्राकट्योत्सव दिवस पर एत्माउद्दौला व्यू पॉइंट पार्क पर विशेष यमुना आरती का आयोजन हुआ जिसमें शहर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित हुए और यमुना में अविरल प्रवाह की प्रार्थना की।

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एत्माउद्दौला व्यू पॉइंट पार्क स्थित यमुना आरती स्थल पर नदी पर बैराज के लिए शिलान्यास पूजन किया गया। यमुना भक्तों द्वारा लाई गई ईंटों का पूजन वैदिक सूत्रम के चेयरमैन पंडित प्रमोद गौतम ने कराया।

आगरा : एत्माउद्दौला व्यू पॉइंट पार्क स्थित यमुना आरतीस्थल पर नदी पर बैराज के लिए शिलान्यास पूजन किया गया। यमुना भक्तों द्वारा लाई गई ईंटों का पूजन वैदिक सूत्रम के चेयरमैन पंडित प्रमोद गौतम ने कराया। 

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वृंदावन में रह रहीं विधवा महिलाओं में लगभग 25 फीसदी महिलाओं की हड्डियां खोखली हैं। लगभग 10 प्रतिशत महिलाएं डायबिटिक और 60 प्रतिशत एनिमिक हैं। इतना ही नहीं, 60 फीसदी महिलाओं को पेट से सम्बंधिक कोई न कोई समस्या है।

वृंदावन : वृंदावन में रह रहीं विधवा महिलाओं में लगभग 25 फीसदी महिलाओं की हड्डियां खोखली हैं। लगभग 10 प्रतिशत महिलाएं डायबिटिक और 60 प्रतिशत एनिमिक हैं। इतना ही नहीं, 60 फीसदी महिलाओं को पेट से सम्बंधिक कोई न कोई समस्या है। यह निष्कर्ष फोग्सी (फैडरेशन ऑफ ओब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया) व क्लब 35 प्लस द्वारा भजनाश्रम में लगाए गए शिविर में सामने आया।

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रिवर कनेक्ट अभियान द्वारा एत्माउद्दौला व्यू पॉइंट पार्क पर यमुना की 575वीं आरती के आयोजन के दौरान यहां जुटे एक्टिविस्ट, बुद्धिजीवी और भक्तों ने एक स्वर से मांग की कि राज्य एवं केंद्र सरकारें श्वेतपत्र जारी करके पिछले 25 वर्षों में शुद्धिकरण पर किए गए खर्चों और उनसे किए गए कार्यों का संपूर्ण विवरण जनता को दें।

आगरा : रिवर कनेक्ट अभियान द्वारा एत्माउद्दौला व्यू पॉइंट पार्क पर यमुना की 575वीं आरती के आयोजन के दौरान यहां जुटे एक्टिविस्ट, बुद्धिजीवी और भक्तों ने एक स्वर से मांग की कि राज्य एवं केंद्र सरकारें श्वेतपत्र जारी करके पिछले 25 वर्षों में शुद्धिकरण पर किए गए खर्चों और उनसे किए गए कार्यों का संपूर्ण विवरण जनता को दें।

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एलोपैथिक की तरह ही आयुर्वेद की दवाओं का गलत प्रयोग भी घातक हो रहा है। दवाएं किसी भी पद्धति की हों, इनके इस्तेमाल के लिए सख्त दिशा-निर्देश और निगरानी होनी चाहिए।

आगरा : एलोपैथिक की तरह ही आयुर्वेद की दवाओं का गलत प्रयोग भी घातक हो रहा है। दवाएं किसी भी पद्धति की हों, इनके इस्तेमाल के लिए सख्त दिशा-निर्देश और निगरानी होनी चाहिए। इसी विषय पर होटल आईटीसी मुगल में चल रही इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ फार्माकोविजिलेंस आईएसओपी की 16वीं एनुअल कांफ्रेंस के तीसरे दिन मंगलवार को चर्चा हुई। 

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