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सुषमा स्वराज के राजनैतिक जीवन में वे पांच महत्वपूर्ण पल

सुषमा स्वराज के राजनैतिक जीवन में वे पांच महत्वपूर्ण पल

सुषमा स्वराज के राजनैतिक जीवन में वो पांच महत्वपूर्ण पलकेंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा अगला लोकसभा चुनाव न लड़ने के फैसले को लेकर राजनीतिक माहौल में यकायक गर्मी आ गई है। राजनीतिक हलकों में उनके इस फैसले को लेकर जबर्दस्त चर्चाएं हो रही हैं।

यहां हम आपको बता रहे हैं उनकी अब तक की राजनीतिक यात्रा के बारे में पांच महत्वपूर्ण बातें।

  1. साल 1970 में सुषमा स्वराज ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत की।
  2. साल 1977 में स्वराज मात्र 25 साल की उम्र में अंबाला छावनी से पहली बार विधायक चुनी गईं। हरियाणा की तत्कालीन देवीलाल सरकार में उन्हें केबिनेट मंत्री का ओहदा मिला। उस समय वह प्रदेश की सबसे कम उम्र की मंत्री थीं।
  3. साल 1996 में दक्षिण दिल्ली और साल 2009 व 2014 में वह विदिशा से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में पहुंची।
  4. 13 दिन की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वह सूचना और प्रसारण मंत्री बनीं।
  5. साल 1998 में वह दिल्ली राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।

नरेंद्र मोदी सरकार में सुषमा स्वराज को कई अहम जिम्मेदारियां प्राप्त हैं। सरकार में उन्हें उन चुनिंदा मंत्रियों में गिना जाता है जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि वह सिर्फ लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। राजनीति से वह जुड़ी रहेंगी। अंतिम फैसले की जिम्मेदारी उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व को सौंपी है।

Last modified onFriday, 23 November 2018 20:53
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